Cyclonic Circulation – चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र, ईन राज्यो मे भारी बारीश…
स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत जी के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड का नया दौर शुरू होने वाला है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शीत लहर (Coldwave) का प्रकोप बढ़ सकता है। राजस्थान के कुछ इलाकों में पाला पड़ने की भी आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
मैदानी इलाकों में कोहरे और कम ऊँचाई वाले बादलों का असर अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दिल्ली में हवा की गति में मामूली सुधार से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आई है, लेकिन ठंड का असर बरकरार है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी रह सकती है, जहाँ दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण केवल ऊँची चोटियों पर ही हल्की बर्फबारी हुई है। शिमला, कुल्लू, मनाली और मसूरी जैसे पर्यटक स्थलों पर अभी भी अच्छी बर्फबारी का इंतजार बना हुआ है। महेश पलावत जी के मुताबिक, जनवरी के दूसरे हफ्ते में पहाड़ों पर सक्रिय वेदर सिस्टम आने की उम्मीद है, जिससे निचले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बन सकती है।
दक्षिण भारत में एक नया वेदर सिस्टम विकसित हो रहा है, जिसके प्रभाव से 8 और 9 जनवरी के आसपास तमिलनाडु और केरल के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से श्रीलंका के तटों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। फिलहाल, उत्तर और मध्य भारत के लोगों को आने वाले कुछ दिनों तक हाड़ कंपाने वाली ठंड और शीतलहर से सावधान रहने की जरूरत है।